
सुविचार
ठहरने पर कई सच्चाइयाँ साफ दिखाई देती हैं,
शांत मन वह देख लेता है जो जल्दबाजी चूकती है,
संतोष कम चाहना नहीं, कम शोर में जीना है,
बार-बार दोहराई बात दिनचर्या बन जाती है,
बुद्धि तब सच्ची है जब आचरण बदलने लगे,
चरित्र उन छोटे चुनावों में दिखता है जिन्हें कोई नहीं देखता,







