
सुविचार
समझदारी अक्सर ध्यान से सुनने से शुरू होती है,
किसी पल की सीख देर से समझ आती है,
बुद्धि तब सच्ची है जब आचरण बदलने लगे,
शांत मन वह देख लेता है जो जल्दबाजी चूकती है,
ठहरने पर कई सच्चाइयाँ साफ दिखाई देती हैं,
संतोष कम चाहना नहीं, कम शोर में जीना है,







